MeToo कैंपेन में नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी घिरे, निहारिका सिंह ने लगाए ऐसे आरोप
यौन शोषण के खिलाफ शुरू हुए मी टू कैंपेन में अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी फंसते नजर आ रहे हैं। उनकी कथित एक्स गर्लफ्रेंड और पूर्व मिस इंडिया निहारिका सिंह ने एक ट्वीट के जरिए उन पर छेड़खानी का आरोप लगाया है। यह मामला बॉलीवुड में चर्चा का सबब बना है।
उप्र के मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना निवासी बालीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एक वर्ष पूर्व अपनी पुस्तक आर्डिनरी लाइफ में अपने प्रेम संबंधों का खुलकर जिक्र किया तो पूर्व मिस इंडिया निहारिका सिह ने इसका खुलकर प्रतिकार किया था। पुस्तक में नवाजुद्दीन ने अपने कई अनछुए पहलुओं का जिक्र किया था लेकिन अब मी टू कैंपन शुरू होने के बाद निहारिका ने एक पुराने वाकये से पर्दा उठाया है।
एक पत्रकार को किए गए ट््वीट में निहारिका ने लिखा है कि एक बार उन्होंने नवाजुद्दीन को ब्रेकफास्ट के लिए घर पर बुलाया था। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला नवाजुद्दीन ने उन्हें कसकर पकड़ लिया। काफी मशक्कत के बाद वह उनकी पकड़ से छूट सकीं। निहारिका आगे लिखती हैं कि इस घटना के बाद दोनों के रिश्तों में दरार आ गई।
पीछा नहीं छोड़ रहे विवाद
अभिनय में सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद भी नवाजुद्दीन का विवादों से नाता नहीं छूट पा रहा। दो वर्ष पूर्व नवाजुद्दीन सिद्दीकी के छोटे भाई की पत्नी ने उन पर मारपीट और उत्पीड़न का आरोप लगाया था जबकि गत वर्ष कस्बे में रामलीला में मारीच की भूमिका निभाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
टीपू जयंती पर कर्नाटक में घमासान जारी, भाजपा के प्रदर्शन के बाद धारा 144 लागू
टीपू जयंती समारोह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे विभिन्न समूहों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। आज कर्नाटक में टीपू जयंती मनाई जा रही है। कर्नाटक सरकार ने इसके लिए पुख्ता इंतेजाम कर लिए हैं वहीं दूसरी तरह भाजाप इसका विरोध कर रही है। टीपू जयंती पर कर्नाटक सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे समारोह के एक दिन पहले इसके खिलाफ भाजपा ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। तनाव को देखते हुए कोडागु, हुबली और धारवाड़ में धारा 144 लागू कर दी गई है।
पार्टी ने सरकार से जश्न समारोह को रद्द करने की अपील करते हुए बेंगलुरू, मैसूर और कोडागू में विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया। जदएस-कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार का नेतृत्व करने वाले मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने पिछले सप्ताह कहा था कि पिछली कांग्रेस सरकार की नीति को बरकरार रखते हुए 10 नवम्बर को टीपू जयंती मनाई जाएगी।
इसके बाद ही भाजपा ने विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। इस बीच मुख्यमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि कुमारस्वामी डॉक्टर की सलाह के मद्देनजर अगले तीन दिन तक किसी आधिकारिक समारोह में हिस्सा नहीं लेंगे। टीपू जयंती पर आयोजित प्रमुख समारोह का उद्घाटन उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर करेंगे।
कोडागु में 2016 और 2017 में टीपू जयंती के दौरान हिंसा की घटनाएं हुई थीं। वहीं दूसरी तरफ कर्नाटक सरकार ने घोषणा कर दी है कि वह बीजेपी के विरोध के बावजूद इस वर्ष भी 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की जयंती अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक ही मनाएगी। बीजेपी ने मैसूर के शासक को अत्याचारी करार दिया है।
केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने कहा है कि एक अत्याचारी के जन्मदिन को मनाए जाने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि टीपू सुल्तान हिंदू विरोधी थे। बीजेपी प्रवक्ता एस प्रकाश ने कहा कि जब पिछली कांग्रेस सरकार ने टीपू जयंती मनाने का फैसला किया था उस समय उनका काफी विरोध हुआ था।
इससे पहले येदियुरप्पा ने भी इसका विरोध करते हुए कहा था हम टीपू जयंती का विरोध कर रहे हैं और लोगों के हित में राज्य सरकार को इसे रोकना चाहिए। उन्होंने कहा टीपू जयंती मनाने के पीछे सरकार की मंशा केवल मुस्लिम समुदाय को संतुष्ट करने की है।विरोध के बाद मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने चेतावनी दी है कि यदि किसी ने आधिकारिक कार्यक्रम में बाधा डाली तो उसे कानून का सामना करना होगा।
3 साल की बच्ची के मुंह में 'सुतली बम' फोड़ने वाला अब भी फरार, हत्या की कोशिश का मामला दर्ज
दिवाली से एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ में जिस बच्ची की मुंह में सुतली बम यानी पटाखा फोड़ा गया था उसही हालत अब पहले से थोड़ी बेहतर है. हलांकि मेरठ जिले के सरधना थाना क्षेत्र के गांव मिलक में तीन साल की मासूम बच्ची के मुंह में कथित रूप से पटाखा रखकर फोड़ने की घटना को पुलिस ने संदिग्ध बताया है. लेकिन हैरानी की बात है कि इस हृदयविदारक घटना के चार दिन बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है. बता दें कि बच्ची के पिता शशिपाल का आरोप है कि आरोपी हरपाल ने चॅकलेट के बहाने उनकी बेटी आयुषी के मुंह में पटाखा रखकर जला दिया था, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गई.
थाना प्रभारी प्रशांत कपिल ने बताया कि आरोपी हरपाल के छिपने के स्थानों पर दबिश डाली जा रही है. उन्होंने दावा किया कि जल्द ही आरोपी गिरफ्तार कर लिया जाएगा. हालांकि, कपिल ने प्रारंभिक छानबीन के आधार पर इस बात से इनकार किया कि आरोपी ने बच्ची के मुंह में पटाखा रखकर फोड़ा था. उन्होंने कहा कि असल में आरोपी बच्ची के घर पास पटाखे छोड़ रहा था. घर के बाहर खेल रही बच्ची ने उनमें से ही कोई अधजला पटाखा उठा लिया और फूंक मारकर फोड़ने का प्रयास करने लगी. अचानक पटाखा फूट गया और बच्ची घायल हो गई.
थाना प्रभारी के अनुसार घटना के संबंध में पुलिस ने बच्ची के पिता मिलक गांव निवासी शशिपाल की तहरीर के आधार पर हरपाल के खिलाफ भादंसं की धारा 307 (हत्या की कोशिश) के तहत मामला दर्ज कर लिया था. उन्होंने बताया कि बच्ची फिलहाल सरधना के ही अस्पताल में भर्ती हैं जहां उसकी हालत अब पहले से बेहतर है.
पुलिस में दर्ज तहरीर के अनुसार शशिपाल की बेटी आयुषी 3 छोटी दीपावली की शाम घर के आंगन में खेल रही थी. उसी समय गांव का हरपाल उनके घर में घुस आया. उसने चॅकलेट के बहाने आयुषी के मुंह में पटाखा रखकर जला दिया. पटाखा फटने से आयुषी गंभीर रूप से जख्मी हो गई और उसका पूरा चेहरा लहूलुहान हो गया. घटना के बाद आरोपी हरपाल वहां से फरार हो गया. परिजन आयुषी को लेकर अस्पताल पहुंचे जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. शशिपाल ने बताया कि बच्ची के उपचार में व्यस्त होने के कारण वह उस दिन थाने में तहरीर नहीं दे पाए.
मां के सामने 4 नवजात पिल्लों को हैवानों ने जिंदा जलाया, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
हैवानों ने चार मासूम पपी पिल्ले को उसकी लाचार मां के सामने ही आग के हवाले कर दिया. पपी की मां लाचार थी, भौंक रही थी, अपने नवजातों को बचाने की कोशिश कर रही थी. मगर हैवानों की चूंगल से उसके बच्चे नहीं बच पाए. बाद में मृत पपी के नजदीक मां कुतिया को रोते-बिलखते देखा गया.
इस घटना का हृदयविदारक वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया. इस घटना की तस्वीर देखते ही लोगों को गुस्सा फूट पड़ा. घटनास्थल के पास के लोगों ने इसकी सूचना सामुदायिक पशु रक्षक टीम को दी. जैसे ही यह सामुदायिक पशु रक्षक टीम घटनास्थल पर पहुंची, उन्होंने देखा कि उन पपी यानी पिल्ले में से एक पपी जिंदा है. वे तुरंत इसे बचाने के लिए जुटे. हालांकि, तीन पिल्ले पहले ही मर चुके थे और वह चौथे को बचाने में जुटे थे. टीम ने पिल्ला को पशु चिकित्सक के पास पहुंचाया. मगर बाद में चौथे पिल्ले की भी मौत हो गई.
The People For Animals के कार्यकर्ता ने क्रूरता अधिनियम रोकथाम और भारतीय दंड संहिता के तहत एक पुलिस मामला दर्ज कराय. जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पुलिस अभी सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है. बता दें कि हाल के वर्षों में जानवरों पर अत्याचार के कई मामले सामने आए हैं.
अयोध्या में 3.35 लाख दीप सजकर तैयार, आज बड़ा एलान कर सकते हैं सीएम योगी
डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विवि के निर्देशन में तीन लाख दीपों को जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की कवायद अंतिम चरण में पहुंच गई है। विवि प्रशासन ने अपने पांच हजार वॉलंटियर्स के साथ सोमवार शाम तक राम की पैड़ी के 24 घाटों पर तीन लाख 35 हजार दीपक सजा दिए हैं। गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम राम की पैड़ी स्थित घाट पर पहुंच गई है। टीम प्रत्येक घाट की वीडियोग्राफी कर रही है।
12 घाटों पर दीपोत्सव का कार्यक्रम आयोजित होना है। इसमें तीन लाख दीये जलाकर अयोध्या की देव दीपावली को विश्व रिकॉर्ड में अंकित कराया जाना लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सोमवार सुबह ही वॉलेंटियर्स अपने निर्धारित घाटों पर पहुंच गए। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार दिन भर घाटों पर दीपक रखे।
इसके बाद अवध विवि की ओर से प्रत्येक घाट पर निर्धारित दो संयोजकों ने दीयों को जोड़कर घाट के हिसाब से सूची तैयार की। पूरी सूची तैयार होने के बाद 3 लाख 35 हजार दीये सभी 12 घाटों पर जोड़े गए। गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम को भी घाट के हिसाब से सूची सौंप दी गई। अब मंगलवार को इन दीयों के जलने के बाद फिर से गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम दीयों की गणना करेगी।
अवध विवि के वीसी प्रो. मनोज दीक्षित ने बताया कि रिकॉर्ड बनने से अयोध्या दीपोत्सव की ख्याति बढ़ेगी। इसके लिए घाटों का उन्होंने निरीक्षण किया है। सभी 24 संयोजक और 12 पर्यवेक्षकों को निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। कुल 3.35 लाख दीये घाटों पर रखे गये हैं। उन्होंने बताया है कि कार्यकर्ताओं व अधिकारियों में रिकॉर्ड बनाने को लेकर काफी उत्साह है।
सोमवार को घाटों पर दीप सज जाने के बाद कई बार ऐसी परिस्थितियां आईं कि बंदरों के समूह आ गए। उनके गुजर जाने के बाद दीप अपने निर्धारित स्थान से या तो हट गए या फिर टूट गए। अगर ऐसा ही रिकॉर्ड के समय हुआ तो रिकॉर्ड बनना मुश्किल हो जाएगा।
संजीव कुमार को बाहर कर ये रोल हथियाना चाहते थे धर्मेंद्र, हेमा मालिनी के चक्कर में बदल गया था सबकुछ
बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार संजीव कुमार की आज पुण्यतिथि है। उन्होंने फिल्मी परदे पर कई तरह के चुनौती भरे किरदार कर दर्शकों के दिलों को जीता। बॉलीवुड को शानदार फिल्में देने वाले संजीव कुमार बहुत जल्द दुनिया को अलविदा कह गए। संजीव कुमार की फिल्मों और जया बच्चन के साथ उनकी सुपरहिट जोड़ी के कई किस्से मशहूर हैं लेकिन शोले फिल्म में ठाकुर का किरदार उनके अभिनय से अमर हो गया।
संजीव कुमार का महज 47 की उम्र में साल 1985 में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। संजीव कुमार को दो बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। साल 1960 में आई फिल्म हम हिंदुस्तानी संजीव कुमार की पहली फिल्म थी। संजीव कुमार को हमेशा इस बात का डर रहता था कि वो जल्दी ही दुनिया को अलविदा कह देंगे इसके पीछे उनका एक डर था जो उनके मन में बैठ गया था। दरअसल संजीव कुमार के घर सभी मर्दों ने 50 से कम उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह दिया था ऐसे में संजीव कुमार को भी यही लगता था कि वो भी 50 से कम उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह देंगे।
संजीव कुमार और जया बच्चन की जोड़ी एक समय बहुत हिट रही। संजीव कुमार ही ऐसे एक्टर थे जिनके साथ जया ने पति से लेकर ससुर तक के रोल किए। फिल्म कोशिश में पति का रोल अनामिका में प्रेमी का किरदार शोले में ससुर का रोल और सिलसिला में भाई का रोल कर दोनो ने बड़े परदे पर काफी सुर्खियां बटोरी। एक समय ऐसा भी आ गया कि परदे पर संजीव कुमार और जया बच्चन की जोड़ी को देखने के लिए इनके फैंस काफी उत्साहित रहते थे।
कहा जाता है कि संजीव कुमार को एक बार नूतन ने सेट पर थप्पड़ मार दिया था। दरअसल 1969 में फिल्म देवी की शूटिंग चल रही थी। इसमें हीरो थे संजीव कुमार और हीराइन थीं नूतन। शूटिंग के दौरान सेट पर एक पत्रिका में छपी अपने और संजीव के अफेयर की खबर को देखते ही नूतन का पारा चढ़ गया। खबर में लिखा था कि नूतन अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं हैं और पति से अलग होकर संजीव कुमार के साथ घर बसाना चाहती हैं लेकिन आखिरी शूटिंग शेड्यूल के दौरान उन्होंने संजीव कुमार को एक कोने में बुलाया और संजीव कुमार के गाल पर जोरदार तमाचा मारा।
शायद आप नहीं जानते होंगे फिल्म शोले में संजीव कुमार ने जो ठाकुर का रोल निभाया था उसे धर्मेन्द्र करना चाहते थे। उस समय हेमा मालिनी के प्यार के दीवाने दो एक्टर्स थे एक तो धर्मेन्द्र और दूसरे संजीव कुमार। फिल्म निर्देशक रमेश सिप्पी उलझन में पड़ गए। रमेश सिप्पी ने धर्मेन्द्र से कहा कि तुम्हें वीरू का रोल निभाते हुए ज्यादा से ज्यादा हेमा मालिनी के साथ रोमांस करने का मौका मिलेगा यदि तुम ठाकुर बनोगे तो मैं संजीव कुमार को वीरू का रोल दे दूंगा।
ट्रिक काम कर गई और धर्मेन्द्र ने यह जिद छोड़ दी और इतिहास गवाह है ठाकुर के रोल के कारण संजीव कुमार को आज तक याद किया जाता है। हेमा मालिनी के प्यार में दीवाने संजीव कुमार ने कभी शादी नहीं की कई एक्ट्रेस उनकी जिंदगी में आईं लेकिन जब हेमा मालिनी ने उनके प्यार को ठुकरा कर एक्टर धमेंद्र से शादी कर ली तो हेमा के एकतरफा प्यार में संजीव ने सारी जिंदगी अकेले ही गुजार दी।
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